पौराणिक कथाएँ केवल घटनाओं की सूची नहीं होतीं। उनमें भक्ति, नीति, मानवीय स्वभाव और आध्यात्मिक संकेत कई स्तरों पर व्यक्त हो सकते हैं। अलग ग्रंथों या क्षेत्रों में एक प्रसंग के रूप भी भिन्न मिल सकते हैं।
कथा पढ़ते समय उसका स्रोत, संदर्भ और परंपरा देखें। फिर पूछें कि वह अहंकार, करुणा, धर्म या कर्तव्य के बारे में क्या सिखाती है। मतभेद मिलने पर किसी एक रूप को तुरंत गलत कहने के बजाय विविध परंपराओं का सम्मान रखें।
