नाम जप में भगवान के नाम का सरल और प्रेमपूर्ण स्मरण किया जाता है—जैसे ‘राधा राधा’ या ‘राम राम’। इसे चलते, बैठते या शांत समय में सहज रूप से किया जा सकता है।
मंत्र जप में निश्चित शब्द-समूह, उच्चारण और कभी-कभी विशेष विधि होती है। दोनों का केंद्र मन को एकाग्र कर ईश्वर की ओर मोड़ना है; आरम्भ के लिए वही अभ्यास चुनें जिसे आप श्रद्धा से नियमित रख सकें।