कर्म वह क्षेत्र है जहाँ हम अपना निर्णय, प्रयास और व्यवहार चुन सकते हैं। भाग्य उन परिस्थितियों का संकेत माना जा सकता है जो हमारे नियंत्रण से बाहर हैं। दोनों को विरोधी मानने के बजाय अपने उत्तरदायित्व की सीमा पहचानना उपयोगी है।
किसी कठिन परिस्थिति में स्वयं से पूछें—आज मैं कौन-सा एक सही कदम उठा सकता हूँ? परिणाम की पूरी चिंता छोड़ना आसान नहीं, पर नियमित प्रयास, प्रार्थना और धैर्य मन को संतुलित रखते हैं।
