दीपक की लौ ऊपर की ओर उठती है। इसी कारण इसे चेतना, ज्ञान और आत्म-विकास का प्रतीक माना जाता है। पूजा में दीप जलाना भीतर के अंधकार को पहचानकर प्रकाश चुनने का संकेत है।
दीप को ऐसी जगह रखें जहाँ वह स्थिर रहे। कपड़े, पर्दे और कागज से दूरी रखें और पूजा के बाद उसे सुरक्षित रूप से बुझाएं या पूर्ण होने दें।