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आरती
माँ सरस्वती वंदना
यह प्रसिद्ध सरस्वती वंदना विद्या, ज्ञान, बुद्धि और वाणी की देवी माँ सरस्वती के दिव्य स्वरूप की स्तुति करती है।
माँ सरस्वती वंदना प्रातःकाल, अध्ययन या किसी शुभ कार्य के आरंभ से पहले की जा सकती है। वसंत पंचमी, सरस्वती पूजा, विद्यालय और शिक्षा से जुड़े शुभ अवसरों पर इसका पाठ विशेष रूप से किया जाता है।
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या कुन्देन्दु तुषारहार धवला या शुभ्रवस्त्रावृता।
जो कुंद के फूल, चंद्रमा, बर्फ और हार के समान श्वेत हैं, जो शुभ्र वस्त्र धारण करती हैं, जिनके हाथों में वीणा और वरदण्ड शोभित है, जो श्वेत कमल के आसन पर विराजमान हैं, ब्रह्मा, विष्णु, शंकर आदि देवता जिनकी सदा वंदना करते हैं, वही भगवती सरस्वती मेरे समस्त अज्ञान को दूर करें।
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