अशांत मन से लड़ने के बजाय पहले उसकी अवस्था स्वीकार करें। आराम से बैठें, तीन सहज श्वास लें और अपने प्रिय भगवान का नाम धीरे-धीरे दोहराएँ। आरम्भ में दो मिनट भी पर्याप्त हैं।
मन भटके तो इसे असफलता न मानें। ध्यान से लौटकर फिर नाम सुनें। यदि बेचैनी लगातार बनी रहे या दैनिक जीवन प्रभावित करे, तो किसी विश्वसनीय व्यक्ति या योग्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सहायता लेना भी समझदारी है।