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ज्ञान · Gyan

आरती कब और क्यों की जाती है?

दीप के प्रकाश से पूजा के समापन, कृतज्ञता और सामूहिक भक्ति का भाव व्यक्त होता है।

दीपों वाली आरती illustration

आरती सामान्यतः पूजा या भजन के अंत में की जाती है। दीप को ईश्वर के समक्ष घुमाना भीतर के अज्ञान को प्रकाश में बदलने का प्रतीक है।

सुबह और संध्या दोनों समय आरती की जा सकती है। अग्नि का उपयोग करते समय स्थिर स्थान, बच्चों से दूरी और सुरक्षित दीप-पात्र का ध्यान रखें।

याद रखें

आरती कृतज्ञता का भाव है

सुबह या संध्या दोनों समय संभव

दीप-सुरक्षा आवश्यक है

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