महाशिवरात्रि का केंद्र बाहरी प्रदर्शन से अधिक अंतर्मुखता है। उपवास, मौन, जप और रात्रि-जागरण मन की चंचलता को देखकर उसे शिव-स्मरण में स्थिर करने के साधन माने जाते हैं।
रविवार, 15 फरवरी 2026
महाशिवरात्रि
Maha Shivaratri
शिव-तत्त्व, आत्मसंयम, जागरण, ध्यान और ‘ॐ नमः शिवाय’ के स्मरण की रात्रि।
