Back
मंत्र

माँ गायत्री

गायत्री मंत्र

हम उस सवितृ देव के तेज का ध्यान करते हैं, जो तीनों लोकों को धारण करता है। वह हमारी बुद्धि को सन्मार्ग पर प्रेरित करे।

गायत्री मंत्र

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्

ॐ भूर्भुवः स्वः। तत् सवितुर्वरेण्यं। भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो नः प्रचोदयात्।

Rounds complete: 0

Tap one bead per repetition. Sound and haptic feedback may depend on your browser and device settings.

अर्थ

हम उस सवितृ देव के तेज का ध्यान करते हैं, जो तीनों लोकों को धारण करता है। वह हमारी बुद्धि को सन्मार्ग पर प्रेरित करे।

साधना-भाव

बुद्धि की शुद्धि, संकल्प की स्पष्टता, दैनिक संध्या का मूल स्तंभ।

विधि

प्रातः सूर्योन्मुख बैठें। हाथ जोड़ें। प्रत्येक जप में अर्थ का स्मरण करें — यह माँग नहीं, प्रार्थना है।