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84 पद

श्री राधा

श्रीहित चौरासी

श्रीहित हरिवंश महाप्रभु की 84 पदों वाली ब्रजभाषा पदावली — मंगलाचरण, राग-सूचना और पढ़ने की प्रगति के साथ।

श्री राधावल्लभलाल जी का श्रृंगार-दर्शन
Photo: Ram bond · CC BY-SA 4.0
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आरम्भ

मंगलाचरण

निगम अगोचर बात कहा कहौं अतिहि अनौखी।

उभय मीत की प्रीति-रीति चोखी ते चोखी॥

वृन्दावन छबि देखि-देखि, हुलसत हुलसावत।

जल-तरंगवत् गौर-श्याम विलसत विलसावत॥

ललितादिक निज सहचरी, निरखि निरखि बलि जात नित।

चौरासी हित पद कहे, चतुरन कौ यह परम वित॥

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